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Posts Tagged ‘इकबाल’

लबरेज़ है शराबे-हक़ीक़त से जामे-हिन्द[1]

सब फ़ल्सफ़ी हैं खित्ता-ए-मग़रिब के रामे हिन्द[2]

ये हिन्दियों के फिक्रे-फ़लक[3] उसका है असर,

रिफ़अत[4] में आस्माँ से भी ऊँचा है बामे-हिन्द[5]

इस देश में हुए हैं हज़ारों मलक[6] सरिश्त[7] ,

मशहूर जिसके दम से है दुनिया में नामे-हिन्द

है राम के वजूद[8] पे हिन्दोस्ताँ को नाज़,

अहले-नज़र समझते हैं उसको इमामे-हिन्द

एजाज़ [9] इस चिराग़े-हिदायत[10] , का है यही

रोशन तिराज़ सहर[11] ज़माने में शामे-हिन्द

तलवार का धनी था, शुजाअत[12] में फ़र्द[13] था,

पाकीज़गी[14] में, जोशे-मुहब्बत में फ़र्द था

शब्दार्थ
  1. ऊपर जायें हिन्द का प्याला सत्य की मदिरा से छलक रहा है
  2. ऊपर जायें पूरब के महान चिंतक हिन्द के राम हैं
  3. ऊपर जायें महान चिंतन
  4. ऊपर जायें ऊँचाई
  5. ऊपर जायें हिन्दी का गौरव या ज्ञान
  6. ऊपर जायें देवता
  7. ऊपर जायें ऊँचे आसन पर
  8. ऊपर जायें अस्तित्व
  9. ऊपर जायें चमत्कार
  10. ऊपर जायें ज्ञान का दीपक
  11. ऊपर जायें भरपूर रोशनी वाला सवेरा
  12. ऊपर जायें वीरता
  13. ऊपर जायें एकमात्र
  14. ऊपर जायें पवित्रता

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