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Archive for फ़रवरी 21st, 2010

देश-रक्षा की तरह हमारा राष्ट्र-प्रेम खेल के मामले में भी उत्कटता के साथ प्रकट होता है । खेल और रक्षा मामलों में एक समानता और है , वह है अपारदर्शिता (या पार- अदर्शिता ?) । बोफ़ोर्स तोप सौदों में खाई गई घूस के बाद रक्षा-सौदों के मामले में कई दिशा-निर्देश तय किये गये थे। केन्द्र की सत्ता में परिवर्तन भी बोफ़ोर्स मामले को मुद्दा बना कर लड़े गए चुनाव के बाद हुआ था ।

कलमाडी,बरनाला,अडवाणी,नायडू. चित्र: साभार ’द हिन्दू’

विचारणीय मामला पिछले साल ओर्डिनेन्स कारखानों के तत्कालीन निदेशक सुदीप्त घोष द्वारा इज़राइली अस्त्र कम्पनी से करोड़ों की घूस लेने का है । सी.बी.आई के अनुसार घोष सप्लायरों से सिर्फ़ मिलने का ही एक लाख रुपया ले लेता था । इस मामले में सुदीप्त घोष के सहयोगी के रूप में रमेश नम्बियार की गिरफ़्तारी हुई थी । नम्बियार ने सिंगापुर के आर.बी.एस काउट्स बैंक में हवाला के जरिए सुदीप्त घोष को इस सौदे में मिली घूस की पचास लाख रुपये की रकम जमा करवाने में मदद की । सी.बी.आई ने नम्बियार के ब्रीफ़ केस से सवा लाख रुपये और उसके आवास से २२ लाख रुपये बरामद किए । यह दोनों महानुभाव तथा इस्राईली कम्पनी के भारतीय एजेन्ट गिरफ़्तार कर लिये गये। सी.बी.आई द्वारा इस मामले की पूरी जानकारी रक्षा मन्त्रालय को दिए जाने के बावजूद उस कम्पनी के शस्त्रों का फील्ड परीक्षण जारी रहा !

अन्तर्राष्ट्रीय खेल -फलक पर हमारा मुल्क हजारों करोड़ खर्च कर रहा है । इस तड़क-भड़क के केन्द्र में हमारे खेल संघ हैं । भारतीय ओलिम्पिक संघ  के प्रमुख सुरेश कलमाडी बरसों से इस पद पर विराजमान हैं । केन्द्र सरकार चाहे भाजपा की हो अथवा कांग्रेस की कलमाडी खेल साम्राज्य पर आधिपत्य जमाये रहते हैं। सत्ता के शीर्ष गलियारों में पकड़ बनाने में वे माहिर रहते हैं । मसलन यह रमेश नम्बियार नरसिंहराव सरकार में कलमाड़ी का सचिव था । टी.के.ए नायर को जब मनमोहन सिंह ने २००४ में अपने सचिवालय में रखा और सेवा निवृत्ति के बाद सेवा विस्तार दिया तब उन्होंने केन्द्र सरकार के अहम पदों पर अपने सूबे केरल के लोगों को बैठाने में दक्षता हासिल की । रमेश नम्बियार की नायर साहब से काफ़ी रफ़-जफ़ रही है । रमेश नम्बियार ऐयर इंडिया का अतिरिक्त जनरल मैनेजर बना तथा इस सार्वजनिक क्षेत्र की कम्पनी के खेल विभाग बना प्रमुख । मई ,२००९ में सीबीआई द्वारा गिरफ़्तार किए जाने के बाद वे निलम्बित कर दिये गये थे ।

बहरहाल , कल अन्तर्राष्ट्रीय हाकी संघ के प्रमुख ने यह उम्मीद जताई कि २८ फरवरी से शुरु होने वाले हाकी के विश्व कप के शुरु होने के पहले ’हाकी इंडिया’ का चुनाव सम्पन्न हो जाएगा तथा वह तदर्थ निकाय नहीं रह जायेगी । हाकी इंडिया के चुनाव के लिए प्रत्येक राज्य ने एक पुरुष और एक स्त्री का नाम मतदान के लिए घोषित कर दिया है । पूरी सूची में चौसठ नाम हैं ।कुछ नाम राज्य की सूची से अलग भी हैं। क्रम संख्या  ६४ पर रमेश नम्बियार का नाम है । कहा गया है कि क्रम संख्या ६१ से ६४  के लोग सालाना आम बैठक में संविधान संशोधन के बाद ही वोट देने के अधिकारी होंगे। यह उलेखनीय है कि नम्बियार को कलमाडी ने रा्ष्ट्र्मंडल खेलों की व्यवस्था में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी हुई थी। नम्बियार मुम्बई और दिल्ली दोनों शहरों में गृहस्थी चलाता है । अस्त्र कमीशन मामले में पुणे के एक तेली(नाम) से नम्बियार के सम्बन्ध की भी सींबीआई ने चर्चा की है । कलमाडी पुणे के सांसद हैं ।

हमारे खेल तन्त्र के शीर्ष की अपारदर्शिता निश्चित तौर पर भारी-भरकम खर्च के साथ हो रहे राष्ट्रमण्डल खेलों के बारे में काफ़ी कुछ सोचने को मजबूर करती है ।

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