काशी विश्वविद्यालय और बनारस पर केन्द्रित चिट्ठा .
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- ’मनमोहन सिंह मस्त है सत्ता के खेल में,सरदार सतनाम बन्द है बनारस जेल में’
- अण्णा के नाम / अफ़लातून : जनसत्ता से साभार
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Political Blog
समाजवादी जनपरिषद- विचारों का गला घोंटना आधुनिक रोग: योगेंद्र यादव मई 13, 2012जो पुणे में हुआ वो बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है क्योंकि डॉक्टर सुहास पलशिकर ने अपने पूरे अकादमिक करियर में लोगों को अंबेडकर के बारे में सिखाया है, खुद मेरे लिए वो अंबेडकर पढ़ाने वाले गुरु समान रहे हैं और ऐसे व्यक्ति पर कुछ अनपढ़ लोग अंबेडकर के नाम पर हमला करें, इससे ज्यादा दुर्भाग्यपूर्ण और विडंबना [...] […]
- सोने की माया में फंसा भारत – सुनील - अप्रैल 27, 2012सोना फिर सुर्खियों में है। पिछले कुछ सालों में लगातार बढ़ती कीमतों के कारण वह चर्चा में था। अब नए बजट में उस पर लगाए गए करों के कारण वह चर्चा में है। जब से बजट पेश हुआ, देश भर के सोना-चांदी के सराफा व्यापारी लगातार हड़ताल पर हैं। कई मुख्यमंत्रियों ने उनकी मांगों का [...] […]
- वर्तमान सभ्यता का मूल रोग और इसका समाधान – सच्चिदानंद सिन्हा - अप्रैल 9, 20121991 से भारत में जिस आर्थिक नीति को घोषित रूप से लागू किया गया है उसे द्वितीय विश्व युद्ध के परिणामों से लेकर 1990 आते-आते सोवियत यूनियन के ध्वस्त होने जैसी घटनाओं के संदर्भ में ही समझा जा सकता है। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद साम्राज्यवादी शोषण के पुराने रूप पर एक हद का विराम [...] […]
- वाराणसी कैन्ट से समाजवादी जनपरिषद का विधान सभा चुनाव खर्च और आय का ब्योरा अप्रैल 8, 2012वाराणसी कैंट विधान-सभा क्षेत्र से समाजवादी जनपरिषद (प्रत्याशी – अफलातून ) का चुनाव-खर्च व आय चुनाव खर्च हेतु चन्दा डॉ बी. के. यादव 1000 जगनारायण सिंह 1000 राजेन्द्र 2000 डॉ के के मिश्रा 1000 प्रो . विपिन त्रिपाठी 500 डॉ श्री […]
- चुनाव का तजुर्बा मार्च 24, 2012हम यह मान कर चले थे की आम जनता खुद से राजनीति को काफी दूर महसूस करने लगी है । राजनीति का मकसद जब स्पष्ट होता है तब समाज का हर तबका उससे जुड़ जाता है । राष्ट्रीय आन्दोलन के दौर में समाज का हर तबका राजनीति से जुड़ गया था क्योंकि उसका मकसद स्पष्ट था [...] […]
- विचारों का गला घोंटना आधुनिक रोग: योगेंद्र यादव मई 13, 2012
शैशव- तोते का कम होता संकोच अक्टूबर 27, 2011शिरीष का फूल हरे और हल्के पीले व सफेद रंग लिए हुए होता है । यहां जो फूल है वह आकृति में बिलकुल शिरीष जैसा है ,रंग गुलाबी और सफेद। गिलहरियां और तोते इन्हें बहुत पसन्द करते हैं । तोते कभी-कभी … Continue reading → […]
- भारत को इंगलैण्ड-अमरीका जैसा बनाने का मतलब/ गांधी अक्टूबर 24, 2011गांधी की कलम सेः “…..भारत को इंगलैण्ड और अमरीका के जैसा बनाने का मतलब है ऐसे नए देशों की तलाश करना जिनका शोषण किया जा सके । अभी तक तो लगता है कि पश्चिमी राष्ट्रों ने योरोप के बाहर के … Continue reading → […]
- मुनादी / धर्मवीर भारती अगस्त 22, 2011खलक खुदा का, मुलुक बाश्शा का हुकुम शहर कोतवाल का हर खासो-आम को आगह किया जाता है कि खबरदार रहें और अपने-अपने किवाड़ों को अन्दर से कुंडी चढा़कर बन्द कर लें गिरा लें खिड़कियों के परदे और बच्चों को बाहर … Continue reading → […]
- रेल महकमे की शिकायतें की हैं , आपने ? अप्रैल 15, 2011तब बनारस से तटीय ओडिशा जाने के दो रास्ते थे । यह रेल आरक्षण के कम्प्यूटर युग से बहुत पहले की बात है । बनारस से पुरी के लिए एक डिब्बा आसानसोल तक जाता था । वहाँ से कट कर … Continue reading → […]
- दो बैण्ड का ट्रांजिस्टर और दो पहिए की साइकिल अप्रैल 13, 2011उत्तर प्रदेश में नगर पालिकाओं द्वारा साइकिल के प्रयोग पर कर लिया जाता था । वाराणसी नगर पालिका से – साईकिल – वर्ष – और लाईसेन्स संख्या वाली लोहे की पतली चादर से कटा टोकन हर साल लेना पड़ता था … Continue reading → […]
- तोते का कम होता संकोच अक्टूबर 27, 2011
सुरे-बेसुरे गीतों का ब्लॉग- नये और मधुर गीत दिसम्बर 13, 2011यह प्लेलिस्ट खासकर अपने अनिवासी मित्रों के लिए । हांलाकि आज-कल कई फिल्में तो पहले विदेशों में रिलीज की जा रही हैं । यह गीत मुझे कर्णप्रिय लगते हैं और नये भी हैं । […]
- देव आनन्द : दिल अभी भरा नहीं दिसम्बर 4, 2011फेसबुक-युग में देव आनन्द का न रहना । कुछ मित्रों ने उन्हें उन्हींकी फिल्मों के गीतों को याद कर श्रद्धांजलि दी है। 'तेरी दुनिया में जीने से,बेहतर है कि मर जाएं'से शुरु कर ,'बादल,बिजली,चंदन,पानी जैसा अपना प्यार,लेना होगा जनम हमें कई-कई बार' से होते हुए 'बहुत दूर मुझे चले जाना है' तक।बड़ी बहन की लेडीज साइकिल और घर से इजाजत लेकर जिन […]
- सुमन कल्याणपुर की मेरी प्लेलिस्ट दिसम्बर 2, 2011सुमन कल्याणपुर चर्चा की हकदार हैं। वे उन गायिकाओं में प्रमुख हैं जिनके साथ भारत-रत्न ने राजनीति और तिकड़म की। होश संभालने के बाद मेरे मन पर छाप छोड़ गए तथा उनसे लगायत तरुणाई की दहलीज पर ये गीत मैंने सुने। पसंद किए होंगे इसलिए याद भी रह गये। आपको कैसे लगे ? […]
- रस के भरे तोरे नैन , आपकी याद आती रही रात भर नवम्बर 15, 2011यह दो गीत मैंने काफी पहले पोस्ट किए थे । मित्रूं ने पसन्द भी किए थे । कल उस पोस्ट की लिंक फिर से दी तो पता चला कि इनमें से एक यूट्यूब ने हटा लिया है। सुबह से क्रोम में शॉकवेव का प्लग - इन क्रैश कर गया है । अब प्रयास कर रहा हूं कि उन दो गीतों को नये सिरे से पोस्ट करूं। मित्र इन्द्रनाथ मोदक ने ध्यान दिलाया कि मूल पोस्ट में यूट्यूब इसे हटा चुका है। मित्र का आभा […]
- चार भाषाओं में क्रांति गीत /समाजवादी जनपरिषद , जलपाईगुड़ी - राष्ट्रीय परिषद जून 29, 2011इन गीतों की झलकियां मैं अपने नन्हे से कैमेरा में कैद कर सका । अवसर था समाजवादी जनपरिषद की उत्तर बंग के जलपाईगुड़ी में हुई राष्ट्रीय परिषद । उम्मीद है पसन्द करेंगे और टिप्पणी भी करेंगे ।सम्बलपुरी समूह गीतबांग्ला लोक शैली ’बाऊल’ पर आधारित राजनैतिक गीत / राधाकान्त बहिदारएडवोकेट जेमन का गाया मलयालम गीतमहात्मा फुले रचित अभंग - स्त्री पुरुष सर्व / स्वर संजीव सानेनो […]
- नये और मधुर गीत दिसम्बर 13, 2011
दुनिया की खबरें- भारत के बाद चीन की रफ्तार हुई धीमी जून 1, 2012दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था चीन के उत्पादन में मई महीने में और गिरावट दर्ज की गई है. वहीं गुरुवार को जारी भारत की वार्षिक विकास दर भी जनवरी - मार्च तिमाही में नौ साल के सबसे निचले स्तर पर आ गई है. […]
- रणवीर सेना के संस्थापक ब्रहमेश्वर सिंह की हत्या जून 1, 2012बिहार में रणवीर सेना के संस्थापक माने जाने वाले ब्रहमेश्वर सिंह उर्फ बरमेसर मुखिया को अज्ञात हमलावरों ने आरा में गोली मार दी है.
- खिसकेगा सूर्य जब टकराएंगी आकाशगंगाएं जून 1, 2012अंतरिक्ष वैज्ञानिकों ने हबल दूरबीन की मदद से पता लगाया है कि हमारी आकाशगंगा अपनी पड़ोसी एंड्रोमेडा से कब टकराएगी.
- यूरोप में बेरोजगारी रिकॉर्ड स्तर पर जून 1, 2012यूरोस्टेट के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार बेरोजगारों की सबसे उच्च दर 24.3 प्रतिशत स्पेन में है जबकि आस्ट्रिया में सबसे कम 3.9 फीसदी आंकी गई है.
- बिदवे की हत्या 'गैरइरादतन': स्टेपलटन जून 1, 201220 वर्षीय कायरन स्टेपलटन ने ब्रिटेन में पढ़ रहे भारतीय छात्र अनुज बिदवे की हत्या के मामले में खुद को दोषी माना है. लेकिन स्टेपलटन ने हत्या की जगह गैरइरादतन हत्या का अभियोग स्वीकारा है. […]
- भारत के बाद चीन की रफ्तार हुई धीमी जून 1, 2012
हिन्दी पढ़ने में दिक्कत तो नहीं ?
मोज़िला ब्राउसर पाठक वाले किन्ही पाठकों को यदि हिन्दी में तृटि(हृस्व इ,दीर्घ ई की) दिखती हो तो वे मोज़िला का नया मुफ़्त संस्करण डाउनलोड कर लें । समस्या दूर हो जायेगी।-
हालिया प्रविष्टियां
- धूप का पहाड़ / भवानीप्रसाद मिश्र
- शिक्षा के लॉलीपॉप / सुनील
- शिक्षा का बाजारीकरण खत्म करने और समान स्कूल व्यवस्था का निर्माण करने के लिए अखिल भारत सम्मेलन‘, चेन्नई, तमिलनाडु
- क्या एक अंग्रेज की बात सुनकर आंखें खुलेंगी? अंग्रेजी पर मार्क टली का लेख
- चुनाव – आयोग, मीडिया और सुधार
- आखिरकार मुझे बनना पड़ा एटीएम-धारक !
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कहाँ - कहाँ गए
- कोई नही



First time saw the portal of banaras & BHU related site, & found very much touching to old memories of my days spent in BHU science faculty & other places specialy Assi ghat, Bihari chaiwala, Keshav paan ki dukan etc. Still I remember the frequent gathering of SFI & AISA meetings for creativity along with most of the recent issues of that time specially agaist the privatization of educational system & ” bazarikaran” even of every thing like culture & knowledege of old indian heritage in birla hostel with sunil & Anand pradhan.
बी एच यू का नाम देखते ही आंखो के सामने पुरानी यादे फिर से ताजा हो गई… मैं बनारस की ही हूं और बीएचयू के वीकेएम से समाजशास्त्र में ऑनर्स किया है.. बीएचयू में होने वाले संपंदन में काफी भाग लिया है.. फिर वो थियेटर हो या फिर वाद विवाद हो या फिर कोई और फंक्शन…काफी गहरा जुड़ाव है मेरा बीएचयू से… फिलहाल वॉयस ऑफ इंडिया न्यूज़ चैनल में काम कर रही हूं…. मैं भी आपके ब्लॉग की सदस्य बनना चाहती हूं..और बनारस और बीएचयू से जुड़ बाते शेयर करना चाहती हूं………
[...] परिचय [...]
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