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अगस्त 15, 2010 अफ़लातून अफलू द्वारा
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समाजवादी जनपरिषद- समाजवादी जनपरिषद/राष्ट्रीय परिपत्र #1 जून 18, 2013समाजवादी जनपरिषद राष्ट्रीय परिपत्र सं – 01/2013 दिनांक – 18 जून ,2013 प्रिय साथी , समाजवादी जनपरिषद का दसवां राष्ट्रीय सम्मेलन दि. 11 – 12 जून 2013 को सर्व सेवा संघ परिसर,राजघाट , वाराणसी में उत्साह के साथ संपन्न हुआ । वरिष्ट साथी सच्चिदानन्द सिन्हा द्वारा दल के झंडोत्तोलन से सम्मेलन की शुरुआत हुई । […] […]
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- संगठन मंत्री साथी विक्रमा मौर्य पर प्राणघातक हमला/ साथ दीजिए मार्च 21, 2013जिलाधिकारी,मऊ। इस संदेश द्वारा मैं आज सुबह घटित एक आपराधिक घटना की ओर ध्यान दिलाना चाहता हूं।हमारे पंजीकृत राजनैतिक दल-समाजवादी जनपरिषद के प्रान्तीय संगठन मन्त्री साथी विक्रमा मौर्य अपने गांव के स्व. राजेन्द्र मौर्य की हत्या में गवाह हैं और गवाही दे चुके हैं।इस हत्या के नामजद अभियुक्तों द्वारा उन्हें गवाही न देने के लिए […] […]
- विदेशी पूंजी का महाभूत / ले. सुनील फ़रवरी 4, 2013‘‘हमने ‘गार’ के भूत का दफना दिया है। अब पूंजी निवेशकों को डरने की जरुरत नहीं है। हमने खुदरा व्यापार मंे विदेशी पूंजी को इजाजत देने और ईंधन कीमतों मंे बढ़ोत्तरी के फैसले लिए हैं, जिनसे हमारी रेटिंग घटने का खतरा नहीं रहा। इन कदमों से अब निवेशक भारत में फिर से दिलचस्पी ले रहे […] […]
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शैशव- वाह ! गिलहरी क्या कहने फ़रवरी 26, 2013वाह ! गिलहरी क्या कहने ! धारीदार कोट पहने । पूंछ बड़ी-सी झबरैली, काली – पीली – मटमैली । डाली – डाली फिरती है , नहीं फिसल कर गिरती है ॥ [ चिल्ड्रेन्स बुक ट्रस्ट की 'नन्हे-मुन्नों के गीत' से … Continue reading → […]
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- कविता / जंगल गाथा / सितम्बर 14, 2012एक नन्हा मेमना और उसकी माँ बकरी, जा रहे थे जंगल में ……राह थी संकरी। अचानक सामने से आ गया एक शेर, लेकिन अब तो हो चुकी थी बहुत देर। भागने का नहीं था कोई भी रास्ता, बकरी और मेमने … Continue reading → […]
- मेरा नया बचपन /सुभद्रा कुमारी चौहान / बाल – कविता अगस्त 16, 2012बार-बार आती है मुझको मधुर याद बचपन तेरी। गया ले गया तू जीवन की सबसे मस्त खुशी मेरी॥ चिंता-रहित खेलना-खाना वह फिरना निर्भय स्वच्छंद। कैसे भूला जा सकता है बचपन का अतुलित आनंद? ऊँच-नीच का ज्ञान नहीं था छुआछूत किसने … Continue reading → […]
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सुरे-बेसुरे गीतों का ब्लॉग- कुन्दनलाल सहगल के मेरे प्रिय दस गीत अप्रैल 11, 2013मेरे प्रिय दस गीत इस लिस्ट में हैं।पिताजी अपने लिए एक लॉन्ग प्लेयिंग रेकॉर्ड लाये थे।तब ही चस्का लगा।फिर जीजाजी के पास उससे व्यापक संग्रह था। […]
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