श्यामलाल ‘पागल’ मीरजापुर जिले के घुरहूपुर निवासी हैं । यहाँ प्रस्तुत उनके पहले व तीसरे चित्र कैनवस पर तैल -रंगों के तथा दूसरा कागज पर जल-रंग से बना है । काशी विश्वविद्यालय के दृश्य कला संकाय से पेन्टिंग में एम.एफ़.ए में प्रथम स्थान पाने के अलावा राष्ट्रीय ललित कला अकादमी द्वारा उनके चित्र पुरस्कृत हुए हैं तथा देश की प्रमुख वीथिकाओं में प्रदर्शित हुए हैं , संग्रहित हैं ।
ई-मेल से प्राप्त करने के लिए
Archives
कब-कब लिखी हैं पोस्ट्स
प्रविष्टियों की श्रेणियाँ
Blogroll
- Anti MNC Forum Anti Globalisation blog
- अपना घर आभा जी का चिट्ठा
- कल्पना डॊ . सुनील दीपक का चिट्ठा
- गुजरात के माउथ ऑर्गन बजाने वाले गुजरात के माउथ ऑर्गन बजाने वाले
- रेडियोनामा रेडियो पर समूह चिट्ठा
- शैशव बच्चों के लिए
- समाजवादी जनपरिषद ,उ.प्र. वैश्वीकरण के विरुद्ध ,नई राजनैतिक संस्कृति के लिए
- फ़ुरसतिया अनूप शुक्ला का चिट्ठा
- Kashipur Solidarity A website dedicated to the peoples’ movement against mining in Orissa.
ब्लॉग में खोजिए
ज्यादा पढ़ी गयीं
- कवितायें : जसवीर अरोड़ा
- रंगमंच के सोना थे सोनाबाबू : ले. कुँवरजी अग्रवाल
- दो कविताएं / जनम दिन / अफ़लातून
- बाल कविता :श्रम की महिमा : भवानी प्रसाद मिश्र
- क्या क्या है , इस जगह
- एक पडोसी विदा
- पत्रकारिता : दुधारी तलवार : महादेव देसाई
- पत्रकारिता (३) : खबरों की शुद्धता , ले. महादेव देसाई
- भीमसेन जोशी : सुनहले सुरों की दास्तान
- हार जाने का हौसला है मुझे / अहमद फ़राज़
हालिया टिप्पणियाँ
समाजवादी जनपरिषद
- कोपेनहैगन : राष्ट्राध्यक्ष इतिहास न बना सके लेकिन जनता ने बनाया December 21, 2009रात भर चली वार्ताओं में विश्व के राष्ट्राध्यक्ष कोपेनहेगन एक लचर सहमती पर पहुँचे जिसमें पृथ्वी के गरम होने की प्रक्रिया पर रोक लगाने के लिए उद्योगों के उत्सर्जन पर नकेल कसने के लिए कोई लक्ष्य तय नहीं किए गये हैं । यह समझौता फन्डिंग के मामले में मजबूत था परन्तु मौसम परिवर्तन की बाबत [...] […]
- पत्रकार / चिट्ठेकार बाबा मायाराम की पुस्तक का लोकार्पण December 21, 2009बाबा मायाराम द्वारा लिखी गयीं सशक्त रिपोर्टों से चिट्ठा जगत परिचित है । ’सतपुड़ा के बाशिन्दे’ नामक उनकी किताब का लोकार्पण कल इटारसी में हुआ । इस अवसर पर प्रबुद्ध नागरिकों के अलावा उन क्षेत्रों के ग्रामीण भी शामिल थे, जिनके बारे में इस पुस्तक में विवरण है। इटारसी स्थित पत्रकार भवन में पर्यावरण बचाओ, धरती बचाओ [...] […]
- इरोम शर्मिला को बचायें ,’आफ़्स्पा’ हटायें :ऑनलाईन प्रतिवेदन पर हस्ताक्षर करें December 13, 2009मित्रों , इस ब्लॉग पर आप मणिपुर की जुझारू महिला सत्याग्रही इरोम शर्मिला के ऐतिहासिक अहिंसक प्रतिकार के बारे में पढ़ चुके हैं । इरोम शर्मिला की मांगों के प्रति नैतिक एकजुटता प्रकट करने के लिए समाजवादी जनपरिषद की इकाइयों ने कार्यक्रम भी लिए । इरोम शर्मिला चानू द्वारा अन्न-जल छोड़े हुए नौ साल पूरे हो चुके [...] […]
- आफ़्स्पा ( AFSPA ) के खिलाफ़ धरना और सभा December 12, 2009अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस के अवसर पर समाजवादी जनपरिषद ने लंका , वाराणसी में आफ़्स्पा (Armed Forces Special Power Act, AFSPA,1958 ) के खिलाफ़ धरना एवं सभा का आयोजन किया । धरना कवियित्री एवं जुझारू कार्यकर्ता ईरोम शर्मिला चानू के साहसिक संघर्ष के दसवें साल में प्रवेश के मौके पर उनके समर्थन में रखा गया था [...] […]
- राजनीति का धंधा और धंधे की राजनीति : ले. सुनील December 9, 2009अखबार की वह खबर हैरान करने वाली थी। मैंने सोचा कि शायद छपाई की कोई गलती है या दशमलव बिन्दु इधर-उधर हो गया है। लेकिन दूसरे अखबार में भी देखा। वह सच थी। यह खबर चालू वित्त वर्ष की प्रथम छ:माही में अग्रिम आयकर जमा करने वाले शीर्षस्थ लोगों के बारे में थी। इनमें दूसरे [...] […]
शैशव
- शैशव पर हावी धर्म , न्याय, कट्टरपंथ और गूगल December 28, 2009” इस्लाम में धर्मान्तरण कैसे करें ? धर्मान्तरण करके मुसलिम बनने हेतु चैट द्वारा मदद लें” एक शानदार खबर के शीर्षक के ठीक नीचे उपर्युक्त इश्तेहार दिया हुआ है । विज्ञापन एक संस्था का है और यह विज्ञापन गूगल द्वारा प्रसारित है । गूगल ने धर्म , धर्म कबूलना , हिन्दू , मुस्लिम, ईसाई जैसे [...] […]
- ई-मेल से नव वर्ष की शुभ कामना देने वालों को एक सुझाव December 23, 2009नए साल की शुभ कामना वाले ईमेल आने शुरु हो गये हैं । इन पत्रों में अक्सर आप पायेंगे कि To अथवा Cc की फील्ड में थोक में पते मौजूद होते हैं । भेजने वाले ने अपनी सम्पर्क सूची से इन्हें चुना होगा । आपने भले इन ई-पतों को न चुना हो आप आलस्यवश इन्हीं [...] […]
- अल्लामा इकबाल : बच्चों के लिए (४) : एक पहाड़ और गिलहरी December 4, 2009[ राल्फ वाल्डो एमर्सन ( १८०३ - १८८२ ) द्वारा अंग्रेजीमें लिखी एक प्रसिद्ध कविता ( फ़ेबल ) का अल्लामा इक़बाल द्वारा किया गया यह तर्जुमा है । मुझे उम्मीद है कि हिन्दी जानने वाले बच्चे इसे सीखेंगे और याद कर लेंगे । ] कोई पहाड़ यह कहता था एक गिलहरी से तुझे हो शर्म तो पानी [...] […]
- अल्लामा इकबाल : बच्चों के लिए (३) : हमदर्दी December 1, 2009टहनी पे किसी शजर* की तनहा बुलबुल था कोई उदास बैठा कहता था की रात सर पे आई उड़ने चुगने में दिन गुज़ारा पहुँचूँ किसी तरह आशियाँ* तक हर चीज़ पे छा गया अन्धेरा सुनकर बुलबुल की आहो ज़ारी* जुगनू कोई पास ही से बोला हाज़िर हूँ मदद को जानो-दिल से कीड़ा हूँ अगरचे मैं ज़रा-सा क्या गम है जो रात है अंधेरी मैं राह में [...] […]
- अल्लामा इकबाल : बच्चो के लिए (2) : परिंदे की फ़रियाद November 30, 2009[ बचपन में स्कूल में अल्लामा इकबाल की तीन कवितायें सीखी थीं | 'जुगनू' काफी पहले दे चुका हूँ , इसी चिट्ठे पर | 'बच्चे की दुआ ' को आगाज़ में प्रस्तुत करूंगा , हालांकि तरन्नुम में जो क्लिप मिली है उसकी तर्ज जुदा है | आज यहाँ पेश है 'परिंदे की फ़रियाद ' | [...] […]
सुरे-बेसुरे गीतों का ब्लॉग
- भारतीय रॉक सितारा अशीम चक्रवर्ती नहीं रहे December 27, 2009पता नहीं मैं रॉक संगीत समझता था या नहीं । कितना सुना था इसका भी अन्दाज न था । भारत में इण्डियन ओशन जैसे बैण्ड तथा पाकिस्तान के कुछ बैण्ड्स के आने के बाद मेरे जैसों के लिए इस विधा के दरवाजे खुले । बहुत कुछ कर्णप्रिय लगा , समझ में भी आया और स्पन्दित कर गया । इस विप्लवी-से संगीत से मेरी घनिष्टता और परिचय अगली पीढ़ी के कारण हुआ । भारतीय रॉक प्रेमियों के लिए २५ दि […]
- पूर्व बांग्ला की लोक धुन भटियाली , सितार, फिल्म संगीत पर December 19, 2009भटियाली वे बांग्ला नौकागीत हैं जो भाटा के दौरान नाविक गाया करते हैं , नदी की बहने की स्वाभाविक दिशा में । भटियाली - धुन इतनी मधुर और लोकप्रिय है की गीतों के अलावा प्रख्यात वादकों ने इन्हें सितार ,सरोद और बाँसुरी पर बजाया है । भटियाली में रवीन्द्र संगीत भी है । अन्य भारतीय भाषाओं में भी भटियाली धुनें अपनाई गई हैं । यहाँ भटियाली की दो धुनों पर दो हिन्दी फिल्मी […]
- मालूम क्या किसीको, दर्दे – निहाँ हमारा / अल्लामा इक़बाल November 27, 2009सारे जहाँसे अच्छा हिन्दोस्ताँ हमारा ।हम बुलबुलें हैं उसकी , वह बोस्ताँ हमारा ॥ध्रु.॥गुरबतमे हों अगर हम , रहता है दिल वतनमें ।समझो वहीं हमें भी , दिल हो जहाँ हमारा ॥१॥परबत वह सबसे ऊँचा , हमसाया आसमाँका ।वह संतरी हमारा , वह पासबाँ हमारा ॥२॥गोदीमें खेलती हैं , जिसकी हजारों नदियाँ ।गुलशन है जिनके दम से , रश्के-जिनाँ हमारा ॥३॥ए आबे-रूदे-गंगा , वह दिन है याद तुझको […]
- जीवन से लम्बे हैं बन्धु , ये जीवन के रस्ते /मन्ना डे/गुलजार/आशीर्वाद/वसन्त देसाई November 21, 2009जोगी ठाकुर का लिखा गीत तरुणाई से लबरेज गाड़ीवान गा रहा है । जोगी ठाकुर ही इतना डूब के सुन रहे हैं ,उसे पता नहीं है ।स्वर - मन्ना डे , संगीत - वसन्त देसाई , बोल - गुलज़ार , फिल्म आशीर्वाद […]
- दिल नाउम्मीद तो नहीं , नाकाम ही तो है November 4, 2009आज रवि भाई ने अपने ब्लॉग पर गीत चढ़ाने वाले शौकीनों के लिए ’खुले स्रोत ’ का उपाय सोदाहरण बताया है । दो बार असफल होने के बावजूद उदास नहीं हुआ , फलस्वरूप यह उम्मीद पैदा करने वाला गीत आप सबके लिए प्रस्तुत हो सका । दिल नाकामयाब भले ही हो, नाउम्मीद न हो - आप सब के लिए यह कामना है । रवि भाई को समर्पित […]
दुनिया की खबरें
- तेलंगाना पर रुख़ नहीं बदला: चिदंबरम December 31, 2009गृह मंत्री पी चिदंबरम ने इस आरोप से इनकार किया है कि तेलंगाना के मुद्दे पर केंद्र सरकार अपने रुख़ से पलट गई है.
- आसियान और चीन के बीच खुला व्यापार December 31, 2009आसियान देशों और चीन के बीच पहली जनवरी से खुला व्यापार समझौता पूरी तरह से लागू होने जा रहा है.
- मारे गए नागरिक 'सीआईए एजेंट' थे December 31, 2009अफ़ग़ानिस्तान में एक आत्मघाती धमाके में मारे गए आठों अमरीकी नागरिक 'सीआईए एजेंट' थे.
- बलात्कार मामले पर दौसा बंद December 31, 2009बलात्कार मामले में अभियुक्त एक पूर्व पुलिस महानिरीक्षक की गिरफ़्तारी की मांग पर राजस्थान के दौसा में बंद.
- राजेंद्र अवस्थी का निधन December 31, 2009वरिष्ठ पत्रकार और साहित्यकार राजेंद्र अवस्थी के निधन पर जाने-माने साहित्यकारों और पत्रकारों ने शोक जताया है.
हिन्दी पढ़ने में दिक्कत तो नहीं ?
मोज़िला ब्राउसर पाठक वाले किन्ही पाठकों को यदि हिन्दी में तृटि(हृस्व इ,दीर्घ ई की) दिखती हो तो वे मोज़िला का नया मुफ़्त संस्करण डाउनलोड कर लें । समस्या दूर हो जायेगी।




RSS - Posts
सुन्दर
bahut badhiyaa…..shukriyaa
शानदार जी ,
बहुत बढिया चित्र . श्याम लाल जी बहुत सिद्ध कलाकार हैं .
nice..sply last one
वाह!! हमारी ससुराल के निकले पागल जी तो!
behad khoobsoorat krityna hain..
really good work…
सुन्दर