‘मोहल्ले’ पर किसी ने महादेव देसाई के नाम से टीपा।’अंग्रेजों भारत छोड़ो-करो या मरो’ के नारे के बाद इस नारे को सर्वप्रथम लगाने वाले के साथ गिरफ़्तार हुए महादेव देसाई १५ अगस्त , १९४२ को जेल बना दिए गए आगा खाँ महल में मरे ।
उन जैसे महानुभावों से चाहूँगा ऊपर दिए चित्र को चीन्हने की कोशिश करें , दिक्कत हो तब भाकपा(मा.-ले.) के किसी पुरानी साथी से पता करें। मैं करीब २०-२५ दिनों बाद लौटा तब इस चित्र पर लिखूँगा।


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नागभूषण जी की यह तस्वीर जिनके साथ है वे महिला कौन हैं?
जाहिर तौर पर आपको चिढ़ाने के लिए महादेवभाई का नाम लिया होगा क्योंकि आप उनके नाती हैं. लेकिन जिसने भी ऐसा किया है वह निंदनीय है. उसकी नादानी पर तरस खाईये…..और क्या कहा जा सकता है.
चन्दू भाई , इन महिला को नही पहचान पाए तो मुश्किल होगी , ओड़िसा के साथियों से पता करें।
संजय भाई ‘नाती’-'पोते’ में अन्तर करती है, खड़ी बोली।
Malati Choudhary and NB. ab aage baat batayein.
yeh maine kisi human encyclopedia se nahi jaana. photo par mouse rakhne bhar se pata chala. maine bas NB ke baare mein suna hai.
बहुत खूब। दिलचस्प है मेरे लिए। ज्ञानवर्धन की आतुरता है।
य़े मालती चौधरी आपकी नानी है क्या? बहुत ही भावपूर्ण तस्वीर है..
अतुल
लफ़ंगों पर टिप्पणी मै उचित नहीं मानता फ़िर भी मोहल्ले के महादेव पर टिप्पणी के बहाने बहुत अच्छी तस्वीर निकाली है.
अतुल
I am also from BHU. For the first time, i am here in your gali. ACHHI SAMAGRI HAI.