‘मोहल्ले’ के महादेव इन्हें चीन्हें !
‘मोहल्ले’ पर किसी ने महादेव देसाई के नाम से टीपा।’अंग्रेजों भारत छोड़ो-करो या मरो’ के नारे के बाद इस नारे को सर्वप्रथम लगाने वाले के साथ गिरफ़्तार हुए महादेव देसाई १५ अगस्त , १९४२ को जेल बना दिए गए आगा खाँ महल में मरे ।
उन जैसे महानुभावों से चाहूँगा ऊपर दिए चित्र को चीन्हने की कोशिश करें , दिक्कत हो तब भाकपा(मा.-ले.) के किसी पुरानी साथी से पता करें। मैं करीब २०-२५ दिनों बाद लौटा तब इस चित्र पर लिखूँगा।

February 20, 2008 at 1:19 pm
नागभूषण जी की यह तस्वीर जिनके साथ है वे महिला कौन हैं?
February 20, 2008 at 2:09 pm
जाहिर तौर पर आपको चिढ़ाने के लिए महादेवभाई का नाम लिया होगा क्योंकि आप उनके नाती हैं. लेकिन जिसने भी ऐसा किया है वह निंदनीय है. उसकी नादानी पर तरस खाईये…..और क्या कहा जा सकता है.
February 20, 2008 at 2:35 pm
चन्दू भाई , इन महिला को नही पहचान पाए तो मुश्किल होगी , ओड़िसा के साथियों से पता करें।
संजय भाई ‘नाती’-'पोते’ में अन्तर करती है, खड़ी बोली।
February 20, 2008 at 5:26 pm
Malati Choudhary and NB. ab aage baat batayein.
February 20, 2008 at 5:39 pm
yeh maine kisi human encyclopedia se nahi jaana. photo par mouse rakhne bhar se pata chala. maine bas NB ke baare mein suna hai.
February 21, 2008 at 1:39 am
बहुत खूब। दिलचस्प है मेरे लिए। ज्ञानवर्धन की आतुरता है।
February 21, 2008 at 4:45 pm
य़े मालती चौधरी आपकी नानी है क्या? बहुत ही भावपूर्ण तस्वीर है..
अतुल
February 21, 2008 at 4:49 pm
लफ़ंगों पर टिप्पणी मै उचित नहीं मानता फ़िर भी मोहल्ले के महादेव पर टिप्पणी के बहाने बहुत अच्छी तस्वीर निकाली है.
अतुल
March 18, 2008 at 1:40 pm
I am also from BHU. For the first time, i am here in your gali. ACHHI SAMAGRI HAI.